10Aug

इस त्योहार घर लाये लक्ष्मी कमल एवं विष्णु कमल के पौधे सुख समृद्धि ….

लक्ष्मी कमल एवं विष्णु कमल के पौधे का महत्व

 

लक्ष्मी कमल  का पौधा :  लक्ष्मी कमल  का पौधा घर में लगाना का काफी अच्छा होता है। यह पौधा घर के लोगों में खुशियां, सौहार्द बढ़ाता है। लक्ष्मी कमल  और विष्णु कमल के पौधे की खासियत है कि इस लगाने से घर के लोग पहले की तुलना में काफी शांत हो जाते हैं। इसलिए इस पौधे को अपने घर के पूजा  स्थान या  मेडिटेशन वाले कमरे में लगाना चाहिए। या फिर आपका घर मे अगर गार्डन है तो वहा भी लगा सकते है ।

 

आपको दरिद्रता के साथ-साथ आपके घर में आर्थिक तंगी का सामना करना पडा है तो वास्तुदोष भी हो सकता है। घर में होने वाली छोटी-छोटी बातें बनती हैं धन के नुकसान का कारण। देखें कहीं आपके घर में तो नहीं हो रही ये गलत बातें।

 

घर में धन के भंडार भरे रहें और संचय भी हो इसके लिए अपनी तिजोरी अथवा धन रखने वाले स्थान का मुंह उत्तर दिशा की ओर रखें। और यधि  पास संभब हो तो इसके पास लक्ष्मी कमल का पोधा जरूर रखे। इस्से लक्ष्मीजी हमेशा प्रशन्न रहती है।

कमल वनस्पति जगत का एक पौधा है जिसमें बड़े और ख़ूबसूरत फूल खिलते हैं

 

कमल वनस्पति जगत का एक पौधा है जिसमें बड़े और ख़ूबसूरत फूल खिलते हैं। यह भारत का सबसे प्रसिद्ध फूल है। संस्कृत में इसके नाम हैं – कमल, पद्म, पंकज, पंकरुह, सरसिज, सरोज, सरोरुह, सरसीरुह, जलज, जलजात, नीरज, वारिज, अंभोरुह, अंबुज, अंभोज, अब्ज, अरविंद, नलिन, उत्पल, पुडरीक, तामरस, इंदीवर, कुवलय, वनज आदि आदि। फारसी में कमल को ‘नीलोफ़र’ कहते हैं। और फारसी मे भी इसका बहुत महत्व है।

जाने माँ लक्ष्मी के सबसे प्रिय पौधों के बारें में

 

हम सभी लोग आर्थिक रूप से सम्पन्नता प्राप्त करना चाहता है। हर व्यक्ति चाहता है की वो अपने जीवन में इतना धन कमाए की उसकी सम्पूर्ण इच्छाएं पूर्ण हो जाये। हिन्दू धर्म में माँ लक्ष्मी को धन की देवी के रूप में जाना जाता है। आज हम आपको ऐसे दो पौधों के बारें में बताने जा रहें हैं जो की माँ लक्ष्मी के सबसे प्रिय पौधे है। अगर आप इन्हे अपने घर में लगा लें तो आपके घर में धन धान्य की कभी कमी नहीं आएगी।

माँ लक्ष्मी का सबसे प्रिय पौधा है लक्ष्मी कमल का पौधा और उसका कमल का फूल । लक्ष्मी कमल पौधा शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। कमल का पौधा घर में प्रविष्ट होने वाले रस्ते में लगाना चाहिए। माना जाता है की कमल का पौधा आत्मज्ञान और नैतिकता का वातावरण फैलता है।तथा इससे माँ लक्ष्मी की कृपा दृष्टि हमेशा बनी रहती है।

दूसरा पौधे का नाम है विष्णु कमल का पोधा एस पौधे को सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसको घर पर लगाने से घर के मुखिया की आमदनी में बढ़ोतरी होती है। इस पौधे को आप अपने घर के लिविंग रूम में लगा सकते हैं। इन दोनों पौधों को घर पर लगाने से आप पर माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी और आप पर कभी भी आर्थिक संकट नहीं आएगा।

 

किस भगवान को कौन सा फूलचढ़ाने से मिलता है मनचाहा वरदान

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धर्म एवं श्रद्धा

‘आस्थावान’ शब्द का महत्व तब अधिक बढ़ जाता है, जब यह किसी धर्म के सम्बन्ध से बोला गया हो। कोई इंसान अपने धर्म को लेकर कितना ईमानदार है तथा उसके प्रति कितनी निष्ठा रखता है, इसे उस धर्म के प्रति निष्ठा की मात्रा से आंका जाता है। लेकिन मेरी राय में कोई कट्टर हो या ना हो, यदि वह दिल से भगवान को याद करता है तो उसकी मनोकामनाएं आवश्य पूर्ण होंगी।

2 पूजन

ऐसा कई लोग मानते हैं, परन्तु इस सोच के बावजूद भी लोग आस्था के नाम पर कई कार्य करते हैं। पूजा के लिए पूर्ण विधि-विधान का प्रयोग करना, पूजा सामग्री का सही मात्रा में इस्तेमाल करना तथा हर एक पूजा में खास प्रकार के फूलों को शामिल करना… यह काफी आम पाया गया है।

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पूजा में फूलों का महत्व

लेकिन फूलों का पूजा में क्या महत्व है? दरअसल हिन्दू मान्यताओं में भगवान की पूजा को बेहद पवित्रता से करना चाहिए। उनकी पूजा के लिए प्राकृतिक चीज़ें ही उपयोग हों, इस बात का खास ख्याल रखा जाता है। इसी बात का ध्यान रखते हुए हर एक वस्तु पवित्र एवं स्वच्छ हो, यह आवश्यक है।  जैसा की अपने देखा होगा लक्ष्मी   जी कमल पर बिराजमान होती है , इसलिए उनको पद्मासनी भी कहा जाता है .  लक्ष्मी  जी को कमल का फूल या पौधा बहुत ही प्रिय है . जिस घर मे लक्ष्मी कमल और विष्णु कमल का पौधा होता है वह लक्ष्मी जी अपना वरदान जरूर देती है . लक्ष्मी जी का वरदान यानि की धन समृद्धि की बरसात उस घर में होती रहती है. ये पौधा वास्तु दोष भी दूर करता है , और पॉजिटिव एनर्जी का संचार करता है .

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प्रत्येक सामग्री का वर्णन

पूजा में इस्तेमाल होने वाला घी शुद्ध हो, घी को पीतल के पात्र में ही रखा जाना चाहिए क्योंकि वैज्ञानिक संदर्भ से भी पीतल सबसे शुद्ध धातु माना जाता है। इसके अलावा उपयोग होने वाला चरणामृत शुद्ध दूध से बनाया गया हो, भगवान की पूजा की प्रत्येक सामग्री सही मात्रा में हो तथा साथ ही सजावट के लिए प्राकृतिक फूलों का होना ही सही माना जाता है।

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विभिन्न देवों के लिए भिन्न-भिन्न फूल

परन्तु क्या कभी आपने इस बात पर गौर किया है कि हिन्दू देवी-देवताओं में से प्रत्येक देव के लिए अलग-अलग फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। किसी एक देव की पूजा के लिए यदि कमल का फूल इस्तेमाल में लाया जा रहा है, तो ऐसा जरूरी नहीं कि सभी देवी-देवताओं की पूजा में यही फूल इस्तेमाल होगा।  इसी क्रम में लक्ष्मी जी को भी सबसे प्रिय पौधा और फूल है लक्ष्मी कमल और विष्णु कमल का पौधा . इसे घर में जरूर होना चाहिए . ये एक इंडोर पौधा है पर कभी कभी सप्ताह में १ बार धुप में जरूर रखना चाहिए.

 

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क्या है इसका कारण?

फूलों को बदलने के पीछे कुछ कारण छिपे हैं। लेकिन  लक्ष्मी कमल के फूल और पोधे की काफी महत्ता पाई गई है। यह फूल पवित्र है, पूजा के लिए योग्य है तथा भगवान का प्रिय फूल माना जाता है। इस फूल की सबसे खास बात यह है कि यह किसी भी प्रकार के तापमान, चाहे वह बर्फीली पहाड़ियों में हो या फिर रेगिस्तान की तपती गर्मी हो, किसी भी प्रकार के तापमान में उपजने के योग्य होता है।

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कमल का फूल और पोधा

और इन फूलों से भरा हुआ तालाब देखना दुनिया का सबसे खूबसूरत दृश्य माना जाता है। भले ही यह फूल साफ पानी में नहीं पनपता, लेकिन इस फूल की पंखुड़ियां उस पानी से कभी रिश्ता नहीं बनातीं। यह पंखुड़ियां हमेशा ही पानी की सतह से 1 से 8 इंच की ऊंचाईं पर ही होती हैं। और इन फूलों से भरा हुआ तालाब देखना दुनिया का सबसे खूबसूरत दृश्य माना जाता है। भले ही यह फूल साफ पानी में नहीं पनपता, लेकिन इस फूल की पंखुड़ियां उस पानी से कभी रिश्ता नहीं बनातीं। यह पंखुड़ियां हमेशा ही पानी की सतह से 1 से 8 इंच की ऊंचाईं पर ही होती हैं। लेकिन कमल का फूल का पौधा घर में लगाना संभव नहीं होता है . इसलिए लक्ष्मी जी और विष्णु भगवन को प्रशन्न करने का सबसे अच्छा उपाय है घर में लक्ष्मी कमल हुए विष्णु कमल का पौधा जोड़ी में लगाए .

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सबसे प्रिय पुष्प

हिन्दू धर्म में कमल के फूल को सबसे प्रिय माना जाता है। यह केवल पवित्रता का प्रतीक नहीं है, वरन् मनुष्य जाति के लिए ज़िंदगी, प्रजनन तथा खुशियों का प्रतीक माना जाता है। स्वयं हिन्दू धर्म की धन की देवी मां लक्ष्मी जी इस पवित्र पुष्प पर विराजमान पाई गई हैं।

लेकिन कमल का फूल का पौधा घर में लगाना संभव नहीं होता है . इसलिए लक्ष्मी जी और विष्णु भगवन को प्रशन्न करने का सबसे अच्छा उपाय है घर में लक्ष्मी कमल हुए विष्णु कमल का पौधा जोड़ी में लगाए .

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लक्ष्मी पूजन के लिए खास बना है

इसलिए भक्त सबसे अधिक इस फूल का इस्तेमाल लक्ष्मी पूजन के लिए ही करते हैं। महाभारत में उल्लेखनीय एक कथा के अनुसार लक्ष्मी जी एक कमल के फूल से ही प्रकट हुई थीं, और यह पुष्प भगवान विष्णु के सिर से निकला था। इस मान्यता के आधार पर ही आज भक्त लक्ष्मी पूजन करते समय मां के चरणों में 108 पुष्पों की माला अर्पित करते हैं।

लेकिन कमल का फूल का पौधा घर में लगाना संभव नहीं होता है . इसलिए लक्ष्मी जी और विष्णु भगवन को प्रशन्न करने का सबसे अच्छा उपाय है घर में लक्ष्मी कमल हुए विष्णु कमल का पौधा जोड़ी में लगाए .

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दुर्गा एवं लक्ष्मी के लिए

इसके अलावा यह पुष्प अन्य देवियों को जैसे कि दीपावली पर मां लक्ष्मी तथा दुर्गा पूजन में मां दुर्गा के साथ महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को भी अर्पित किया जाता है। यह पौराणिक मान्यताएं ही हैं जो कमल का फूल किसी विशेष भगवान को अर्पित किया जाता है।

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जानें किसे है क्या पसंद

इस पुष्प का संबंध किसी के भगवान के साथ आमतौर पर पौराणिक तस्वीरों से ही देखा जा सकता है, जब भगवान स्वयं अपने हाथ में कमल का पुष्प धारण किये हुए होते हैं। परन्तु कमल पुष्प के अलावा अन्य कई ऐसे फूल हैं जो विभिन्न देवी-देवताओं के पूजन की सामग्री का हिस्सा बनकर पूजा को और भी फलदायी बनाते हैं।

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भगवान विष्णु

उदाहरण के लिए सृष्टि के पालनहार विष्णुजी के संदर्भ से ऐसा माना गया है कि उन्हें मनमोहक चीज़ें बहुत पसंद आती हैं। वे संगीत के प्रेमी हैं तथा खुशबूदार पुष्पों से उनकी पूजा करना अधिक फलदायी माना गया है। इसलिए उनके पूजन के लिए मोगरा तथा बेला के पुष्प का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा कई बार भक्त उन्हें तुलसी के पत्तों से भी प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। बहुत ही कम लोगो को जानकारी होती है की विष्णु कमल का पौधा भी होता है .  और ये बात भी बहुत काम ही लोग जानते है की जहा लक्ष्मीपति  विष्णु कमल का पौधा होता है वह लक्ष्मी जी जरूर निवास करती है .  इसलिए विष्णु भगवान को  विष्णु कमल का पौधा अर्पित  किया जाता है  .

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खुशबूदार फूल

पालनहार के बाद सृष्टि पर बुरा समय आने पर पापियों का सर्वनाश करने वाले भगवान शिव के रौद्र रूप की तरह ही उनकी फूलों की पसंद को भी काफी कठोर पाया गया है। कैलाश पर्वत पर जहां पुष्प के स्थान पर जंगली पौधे ज्यादा पाए जाते हैं, ऐसे में भगवान शिव को भक्त खुशबूदार फूल अर्पित नहीं करते।

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भगवान शिव

इसके स्थान पर उन्हें उसी रंग के फूल अर्पित करना सही माना जाता है जो उनके समक्ष कैलाश पर्वत की तस्वीर जाहिर करें। आसमानी रंग के फूलों से शिव की स्तुति करना लाभकारी माना जाता है। ‘एकोंदो’ नामक एक ऐसा ही फूल है जिसका रंग आकाश से काफी मिलता है, लेकिन यह काफी कम पाया जाता है।

 

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लक्ष्मीजी को यह भी है पसंद

पिछली स्लाइड्स में जैसा कि बताया गया था कि मां लक्ष्मी को कमल के ही फूल अर्पित किए जाते हैं, लेकिन इसके अलावा भक्त उनकी आराधना करते समय कमल के पुष्प के स्थान पर अन्य फूल भी इस्तेमाल करते हैं। जैसे कि गुलाब के फूल, फिर चाहे वह गहरे लाल रंग के हों या गुलाबी। बहुत ही कम लोगो को जानकारी होती है की विष्णु कमल का पौधा भी होता है .  और ये बात भी बहुत काम ही लोग जानते है की जहा लक्ष्मीपति  विष्णु कमल का पौधा होता है वह लक्ष्मी जी जरूर निवास करती है .  इसलिए विष्णु भगवान को  विष्णु कमल का पौधा अर्पित  किया जाता है  .  विष्णु कमल के पौधे का रंग डार्क ब्रॉन लालिमा लिए हुए होता है ये पौधा  लक्ष्मी जी को बहुत प्रिय होता है

 

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कभी ना अर्पित करें सफेद फूल

मां लक्ष्मी को लाल रंग के फूल अर्पित करने के पीछे एक आध्यात्मिक कारण छिपा है। कहते हैं कि हिन्दू मान्यताओं में सफेद रंग को एक विधवा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए कभी भी किसी देवी को सफेद फूल अर्पित नहीं करने चाहिए। वरन् उन्हें ‘सुहागन’ की निशानी अर्पित करते हुए लाल रंग के पुष्प ही चढ़ाएं।

 

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सरस्वती एवं पार्वती जी

इसलिए मां लक्ष्मी, दुर्गा तथा अन्य देवी जैसे कि सरस्वती एवं पार्वती जी के पूजन के लिए लाल रंग के पुष्प देना शुभ माना जाता है। शक्ति का स्रोत देवियों के अलावा शिव के पुत्र गणेश को भी खास प्रकार के फूल चढ़ाने की मान्यता प्रचलित है।